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बाढ़ से बिहार में हालात हुए बद से बदतर, 4 दिनों में 114 से ज्यादा हुई मौतें
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बाढ़ से बिहार में हालात हुए बद से बदतर, 4 दिनों में 114 से ज्यादा हुई मौतें

उत्तर और पूर्वी बिहार में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है। जिससे जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है। गुरुवार को पूर्णिया, कटिहार और मधेपुरा के कई नए इलाकों में पानी आ गया और समस्तीपुर जिले में भी पानी घुस गया है। बुधवार रात को मोतिहारी शहर को भी बाढ़ ने अपनी चपेट में ले लिया। गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड के बंगरा गांव के पास सारण मुख्य तटबंध गुरुवार की शाम करीब 50 फुट में टूट गया। इससे कई गांव जलमग्न हो गए।

उधर, मधुबनी में कोसी, कमला, धौस नदी के साथ अब गेहुमां नदी भी उफना गई है। इससे जिले में बाढ़ की स्थिति भयावह हो गई है। सूबे में पिछले 24 घंटे में बाढ़ के कारण 44 लोगों की मौत हो गई। पिछले 4 दिनों में कुल 110 से ज्यादा मौतें हुईं हैं। बिहार के 16 जिलों में 90 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित हो गई है। मधेपुरा में सर्वाधिक प्रभावित आलमनगर और चौसा प्रखंड के अलावा और छह प्रखंड चपेट में आ गए। जिले में भलुआही के पास एनएच 106 की सड़क करीब 25 फीट कट जाने से यातायात ठप हो गया है। मालदा में भी पानी घुस गया है। कटिहार से मालदा जाने वाली सभी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं क्योंकि रेलवे लाइन बंद है।
कटिहार के नए इलाकों में सदर प्रखंड के भसना, मनसाही और कोढ़ा प्रखंड के कुछ हिस्सों में भी पानी फैलने लगा है। वहीं पूर्णिया जिले में बायसी अनुमंडल के बाद अब पानी बनमनखी और धमदाहा अनुमंडल क्षेत्र में बढ़ रहा है। बनमनखी प्रखंड की 10 पंचायत बाढ़ की चपेट में आ गई है। वहां एनएच 107 पर गुरुवार से वाहनों का परिचालन भी बाधित हो गया है।मोतिहारी शहर के 11 वार्डो में भी पानी घुस गया है। मोतिहारी-छौड़ादानो पथ में लखौरा के आगे सड़क पर तीन से चार फुट पानी बहने से आवागमन ठप है। समस्तीपुर के दरभंगा जिले से सटे इलाकों में भी पानी घुस गया। जिले के हसनपुर, बिथान, सिंघिया और चकमहेशी के कई गांवों में बागमती और बलान नदी का पानी घुस गया है।

जिले के मोहनपुर प्रखंड में गंगा खतरे के निशान को छूने के करीब है। उधर, गोपालगंज के सदौवा में गंडक नदी का मुख्य तटबंध टूटने के बाद बाढ़ का पानी बरौली व सिधवलिया प्रखंडों के करीब 20 गांवों में प्रवेश कर गया है। बरौली में एनएच 28 पर पानी चढ़ जाने से आवागमन ठप हो गया है। जिले के 174 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं।    

बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत नहीं पहुंचने के कारण लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को नाराज लोगों ने किशनगंज के फरिंगगोला में एनएच 31 और सुपौल के मरौना और नरपतगंज में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पूर्णिया के जियनगंज के समीप पीड़ितों ने राहत सामग्री नहीं मिलने पर घंटों सड़क जाम किया। पू.चंपारण के ढाका प्रखंड के भंडार गांव के ग्रामीणों ने भी राहत को लेकर रोड जाम किया।  

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को गोपालगंज, बगहा, बेतिया, रक्सौल व मोतिहारी का हवाई सर्वेक्षण कर बाढ़ग्रस्त इलाकों का जायजा लिया। सीएम ने राहत शिविरों का भी जायजा लिया और अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत व बचाव कार्य चलाने का निर्देश दिया। 

 

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