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आधुनिक तकनीकी और प्रणालियों से काबू आयेगा जापानी बुखार
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आधुनिक तकनीकी और प्रणालियों से काबू आयेगा जापानी बुखार

उत्तर प्रदेश के एईएस-जेई प्रभावित क्षेत्रों के 26 डॉक्टरों और बिहार के सीमावर्ती जिलों के छह डॉक्टरों को स्क्रब टाइफस व जापानीज इन्सेफलइटिस के मरीजों के आधुनिक तकनीकी और प्रणालियों के आधार पर प्रबन्धन की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह जानकारी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सचिव वी. हेकाली झिमोमी ने सोमवार को दी। उन्होंने बताया कि सरकार ने एईएस रोग के रोकथाम के लिए कई तरह के कार्यक्रम शुरू किया है।

विशेष सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय वेक्टरजनित रोग नियन्त्रण कार्यक्रम के ताजा आंकड़ों के अनुसार यूपी में वर्ष 2016 में एईएस के कुल 3918 के मरीज सामने आए और रोग मृत्यु दर 15.9 फीसदी रही, जबकि वर्ष 2017 में अगस्त तक कुल 1842 एईएस के रोगी पता चले और मृत्यु दर 11.6 प्रतिशत रही। आईसीएमआर के वर्ष 2016 के 407 एईएस रोगियों पर किए गए अध्ययन से पता चला कि लगभग 58 प्रतिशत एईएस का कारण स्क्रब टाइफस है जबकि 29.3 फीसदी एईएस का कारण अज्ञात है। पूर्वांचल के 38 प्रभावित जिलों में मई-जून 2017 में 91.95 लाख बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने पूर्व के आकड़ों के आधार पर 677 संवेदनशील गावों को चिन्हित कर इसकी सूची सम्बन्धित जिलाधिकारियों को भेजी है। इसमें सामान्य स्वच्छता, मच्छर-प्रजनन स्थलों की सफाई, एंटी लार्वा का छिड़काव तथा पेयजल का क्लोरीनेशन कराए जाने के निर्देश दिए गए।

प्रभावित क्षेत्रों में नौ पीडियाट्रिक इन्टेन्सिव केयर यूनिट तथा 100 इन्सेफलाइटिस ट्रीटमेन्ट सेन्टर स्थापित किए गए हैं। वर्ष 2017 में लगभग 57 फीसदी रोगियों का इन सेंटरों पर इलाज किया गया। अप्रवासी डॉक्टर करेंगे मदद विशेष सचिव ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अप्रवासी भारतीय डॉक्टरों से प्रदेश के स्वास्थ्य में योगदान की अपील की थी। इसपर अप्रवासी डॉक्टरों के एक समूह ने यूपी में स्वास्थ्य-तंत्र को मजबूत करने की इच्छा जाहिर की।

 उन्होंने बताया कि अप्रवासी भारतीय चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ देश के जाने-माने मेडिकल संस्थानों के सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर भी इसमें अपना सहयोग करेंगे। इन समूहों के जरिए बुन्देलखण्ड, पूर्वांचल, मध्य तथा पश्चिमी यूपी में मुफ्त मेडिकल कैम्प और चिकित्सा शिक्षा देने के लिए सहमति हुई है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग और अप्रवासी भारतीय डॉक्टरों के जरिए राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान लखनऊ में 12 सितम्बर 2017 को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजन किया गया है। 

 

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