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दो बुजुर्ग ­­­- जागरूकता फैला कर लोगों को नेत्रदान के लिए,  कर रहे प्रेरित
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दो बुजुर्ग ­­­- जागरूकता फैला कर लोगों को नेत्रदान के लिए, कर रहे प्रेरित

आपके बाद भी आप की आंखे इस संसार में रहकर किसी दूसरे को यह दुनिया दिखा सके यह एक सोच ने दो बुजुर्गो की जीवनशैली ही बदल दी है। लखनऊ के यह 2 बुजुर्ग समाजसेवक लोगों को जागरूक कर नेत्रदान जागरूकता अभियान चला रहे हैं। केजीएमयू के आई बैंक के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. अरुण शर्मा ने बताया कि कॉर्निया डोनेशन के लिए जब भी जरूरत पड़ती है तो वह खुद इन दोनों समाजसेवियों को याद करते हैं।

 उन्होंने बताया कि केजीएमयू में हर साल नैशनल आई डोनेशन पखवारे का आयोजन होता है। इस बार कार्यक्रम में दोनों समाजसेवकों को सम्मानित किया जाएगा। डॉ. अरुण ने बताया कि केजीएमयू के जनवरी से अब तक 204 आई डोनेशन हुए हैं। इनमें लखनऊ के सुनील कुमार श्रीवास्तव और जी. के. सेठ का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को ओपीडी में आई डोनेशन के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान 14 लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया।

 92  लोगों का करवा चुके कॉर्निया डोनेट

80 वर्षीय जी.के. सेठ ने बताया कि वह साल 1997 में को-ऑपरेटिव बैंक से रिटायर हुए। एक दिन उन्होंने राह चलते एक दीवार पर नेत्रदान के पोस्टर देखे। इसके बाद उन्होंने नेत्रदान के लिए अपना पंजीकरण करवाया। साथ ही लोगों को भी जागरूक करने की ठानी। उन्होंने सबसे पहले एलयू के एक प्रफेसर का नेत्रदान करवाया। अब तक वे 92 कॉर्निया डोनेट करवा चुके हैं। वहीं, करीब 5000 लोगों का रजिस्ट्रेशन करवाया है। कई बार उन्होंने श्मशान घाट पर जाकर मृतकों के परिवारीजनों को भी नेत्रदान के लिए जागरूक किया, जिसके तहत एक बार एक परिवारीजन ने अपनी मृतक मां की कॉर्निया डोनेट भी किया। इसके साथ ही राजाजीपुरम इलाके में वह अक्सर लोगों को जागरूक करने के लिए कैंप भी लगाते रहते हैं।

 पत्नी की कॉर्निया डोनेट करवाई, फिर जागरूकता में जुटे

68 वर्षीया सुनील कुमार श्रीवास्तव फार्मा कंपनी से मैनेजर के पद से रिटायर हुए थे। साल 2015 में पत्नी होने पर की मौत होने पर उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी ने अपनी कॉर्निया डोनेट करने का संकल्प-पत्र भरा था। उन्होंने बताया कि कॉर्निया डोनेट करने के अगले दिन इसकी खबर अखबार में पढ़ी और लोगों ने इस कदम के तारीफ की। इसके बाद उन्होंने इसके लिए लोगों को जागरूक करने की ठानी। वह रोजाना मॉर्निंग वॉक पर निकलते हैं और शहर के विभिन्न इलाकों के लोगों को नेत्रदान के लिए जागरूक करते हैं। वह अब तक 23 आई डोनेशन करवा चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने अब तक करीब 500 लोगों के डोनेशन के लिए फॉर्म भी भरवाए हैं।

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